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कलदार – KALDAAR
तेरा नि तीन सोळा गाई सुनेत्रा गझल धरते जमीन ठेका गाई सुनेत्रा गझल ललबाय रात गाते पाण्यातल्या जीवांस कलदार स्पर्श झोका गाई सुनेत्रा गझल कोनात बंद कोणी उघडून घे व्यवहार जाणून निश्चयाला गाई सुनेत्रा गझल आता कशास पाहू मागे वळून कोणा चरणात न्यास बेला गाई सुनेत्रा गझल प्रीतीत नाव कुठले देऊ “सुनेत्रा” तुला रत्नत्रयात आत्मा…
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ALLURING EVE !
So beautiful So trendy Kid you are .. Self confident So friendly Kid you are….. Running and jumping with calves and lambs.. Among windy rains So jolly Kid you are….. Dancing with lightning on the sea waves.. Madly wilder So leanly Kid you are….. Singing in the forest with a spring… So…
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TIT FOR TAT
Tit for tat.. Tit for tat … It’s ringing cat.. Tit for tat… Enemy’s enemy is our friend.. How’s and what.. Tit for tat… Three stumps waiting waiting eagerly.. Ball hits bat ..Tit for tat … Don’t tease them.. teach them well.. Meagre or fat.. Tit for tat Keep gratitude ..…
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कालकट्टा -KAALAKATTA
हो गए है हम इकट्ठा इस जहाँपर खेलते है कौन सट्टा इस जहाँपर गायका गा बैलका बै शेर बब्बर सोच ले फिर मार रट्टा इस जहाँपर लोग ज्ञ्यानी पालते संगणक हाथी मत खिलाओँ आम खट्टा इस जहाँपर पेड़ पत्ते गुणगुणाते भँवर काले झीलसा नीला दुपट्टा इस जहाँपर साथ मै सचके रहूंगी फ़िक्र ना कर माँ…
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AGAIN
Again and again Brain should gain It’s the “MAGIC” Purity stands gain GAIN… RAIN ………….MAIN ….
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डंका – DANKAA
चंपक चाफा हिरवा पिवळा दरवळ नाही लपत गडे चंचल चपला ढगात शिरुनी कुपीस फोडे छपत गडे डंका दंडकारण्याचा त्रिलोकात दुमदुमे सई गज़ल सयी मम उभ्या ठाकल्या थेट बघत वर तपत गडे चपळ चपल हरिणीसम धावत जलद निघाले वर्षाया निळ्या सपाता गळून पडल्या पावलांस घन जपत गडे वेग झपाटा झपाटलेला लगबग घाई सळसळती ऊन सावली संगे…
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चौघडा
घन काळे काळे गगनी भादवा दवा आत्म्याला चिरि कुंकू रेख ललाटी दे जाप्य काव्य कुसुमाला जोडून करांचे तळवे जुळविली कराग्रे दाही मी भाव अर्घ्य दिधले पारणा व्रताची झाली निळीशार हवेली मौन रानभर सळसळे ऊस कलशात खिराया दहिवर थांबला जलद पाऊस किरणांनी जादू केली निवळली धुक्याची दुलई सृष्टीशी गप्पा गोष्टी झंकार चौघडा सनई