Category: Hindi Sahitya

  • ग़ज़ल(बात मनकी) – BAAT MANKEE (MIND’S TALK)

    हम खिले तो फूल भी खिलने लगे है डालपर पंछी खुशीसे गा रहे है रंग पत्तोंके हरे मन साँवलेसे बरसते है झूमके जल से भरे है आसमांसे क्यूँ कहू मै बात मनकी आसमांके कान सावनके झुले है मै करुँगी बात मेरी आतमासे आतमासे कर्म मेरे जुड़ गए है सुन सुनेत्रा लिख सुनेत्रा बोल ना मत…

  • बरसो सावन -BARASO SAAVAN (POUR DOWN SAVAN)

    बरसो सावन झूमके ना बैठों तुम रूठके सावन भादो सांवले लगे लहरने घूमके क्या कहती ये मोरनी नाचो सब दुःख भूलके मिलने आये आपसे बहते झरने दूरके बिजुरी बोले पेड़से ना देखो यूँ घूरके मरगट्ठोंकी शान है शेर जयसिंगपूरके सुनो ‘सुनेत्रा’ बात ये ले लो सब गुण फूलके ग़ज़ल मात्रावृत्त (मात्रा १३)

  • अमीरी – Richness

    आग लगाके तनमे सावन दौड रहा आंगनमे सावन सावनकी यादोंमे खोकर डूब गया सावनमे सावन बहते झरने नाच रहे है महक रहा है धुनमें सावन प्यारभरी महकी बातोंको ढुंढ रहा है बनमे सावन शायरकी अनमोल अमीरी देख रहा साजनमे सावन

  • आरजू – AARJU (DESIRE)

    This Ghazal is mishr(mixed) Ghazal. In this Ghazal first line of sher is in Hindi language and second line of sher is in Marathi language. Radif of this Ghazal is ‘Jaa’. Pronunciation of  word ‘Jaa’ is different in Marathi and Hindi language. vrutta is GAA LA GAA GAA, GAA LA GAA GAA, GAA LA GAA…

  • दिल्लगी – DILLAGI (PLEASANTRY)

    This Ghazal is mishr(mixed) Ghazal. In this Ghazal first line of sher is in Hindi language and second line of sher is in Marathi language. Vrutta- GAA LA GAA GAA, GAA LA GAA GAA, GAA LA GAA GAA, GAA LA GAA. चौदवीकी रात साकी इक नशीला जाम तू चांदण्यांनी पोळलेल्या लेखणीचे काम तू गीत गाये…