Category: Hindi Sahitya

  • दिलका नारा – “Heart’s Slogan”

    प्रीतकी जंजीर हो या अभिमानका खंजर, भाषा ब्रह्मांडकी हो या पिंडकी, धर्म जागतिक हो या राष्ट्रका या देशका या प्रादेशिक, हृदयका धर्म होता है प्रेम.. प्रेमही अहिंसा है और वो अपनी आत्माका स्वभाव है. ….. ग़ज़ल .. दिलका नारा जै जिनेंद्र जय दिलका नारा जिनवानी की पावन धारा वर्तमान तीर्थंकर अंतिम महावीर जिन हमको प्यारा…

  • बारिश – Rain

    बारिश गिरी बारिश गिरी लोमडीकी साजिश गिरी गोंडवनसे बाढ आयी बीजुरीसी गर्दिश गिरी पार्श्वजिन तीर्थंकर नाथ कर्मकी घन रंजिश गिरी बच गयी बकरी सयानी भेडियोंकी कोशिश गिरी देह मंदिर कलश माथा मेघ बरखा ख्वाहिश गिरी

  • ओझल – OZAL(OUT OF SIGHT)

    सौ नल बोली कोयल डोली पवन बसंती ओझल होली सूरत जैसी ओव्हल गोली हाथ पसारे कोमल भोली छिद्रान्वेषी ओरल झोली  

  • तपस्वी – TAPASVI(FRIAR)

    नील गगनमे बादल आये बादल आये धूप छाँव सम आँचल छाये बादल आये लहराती गन्नेकी खेती तेज हवासे पग पग चितवन चंचल साये बादल आये बाग़ानोंके कुए सरोवर प्यासी धरती पंचम में ना कोयल गाये बादल आये पद्न्यास से रेखा चपलम क्षेत्र नापती ये तो बिजुरी पायल ना ये बादल आये खड़े तपस्वी पहाड़ पिघले…

  • दुपट्टा – DUPATTA(MANTILLA)

    हो गए है हम इकट्ठा इस जहाँपर खेलते है कौन सट्टा इस जहाँपर गायका गा बैलका बै शेर बब्बर सोच ले फिर मार रट्टा इस जहाँपर लोग ज्ञ्यानी पालते संगणक हाथी मत खिलाओँ आम खट्टा इस जहाँपर पेड़ पत्ते गुणगुणाते भँवर काले झीलसा नीला दुपट्टा इस जहाँपर साथ मै सचके रहूंगी फ़िक्र ना कर माँ…

  • कानाफूसी – KAANAAFOOSEE (WHISPERING)

    (ग़ज़ल) मजाक में या कुछ मतलब से मनकी बाते कहदी मैंने बुरा नहीं था मतलब सचमे मेरे मनकी सुनली मैंने कानाफूसी करके फैली बातबात पनघटपर उडकर बातका काटा चुभ गया दिलको क्योंकी सुनली दिलकी मैंने झूठ बातभी इतनी सुन्दर हो सकती है पता नहीं था झुठसे झूठा पंगा लेकर सचकी झोली भरदी मैंने नाम आज…

  • लिखना मना नहीं है (ग़ज़ल) – LIKHANA MANA NAHI HAI (YOU ARE ALLOWED TO WRITE)

    कागज ख़राब है तो भी लिखना मना नहीं है मैली किताब है तो भी लिखना मना नहीं है लिखनेसे दिल भरेगा सदियोंसे लिख रहीं हूँ मुरझा गुलाब है तो भी लिखना मना नहीं है साकी खड़ी है कबसे हाथोमे जाम लेकर स्याही शराब है तो भी लिखना मना नहीं है हम है दिवाने आपके क्या…