Tag: Hindi ghazal

  • दिलका नारा – “Heart’s Slogan”

    प्रीतकी जंजीर हो या अभिमानका खंजर, भाषा ब्रह्मांडकी हो या पिंडकी, धर्म जागतिक हो या राष्ट्रका या देशका या प्रादेशिक, हृदयका धर्म होता है प्रेम.. प्रेमही अहिंसा है और वो अपनी आत्माका स्वभाव है. ….. ग़ज़ल .. दिलका नारा जै जिनेंद्र जय दिलका नारा जिनवानी की पावन धारा वर्तमान तीर्थंकर अंतिम महावीर जिन हमको प्यारा…

  • बारिश – Rain

    बारिश गिरी बारिश गिरी लोमडीकी साजिश गिरी गोंडवनसे बाढ आयी बीजुरीसी गर्दिश गिरी पार्श्वजिन तीर्थंकर नाथ कर्मकी घन रंजिश गिरी बच गयी बकरी सयानी भेडियोंकी कोशिश गिरी देह मंदिर कलश माथा मेघ बरखा ख्वाहिश गिरी

  • ओझल – OZAL(OUT OF SIGHT)

    सौ नल बोली कोयल डोली पवन बसंती ओझल होली सूरत जैसी ओव्हल गोली हाथ पसारे कोमल भोली छिद्रान्वेषी ओरल झोली  

  • कानाफूसी – KAANAAFOOSEE (WHISPERING)

    (ग़ज़ल) मजाक में या कुछ मतलब से मनकी बाते कहदी मैंने बुरा नहीं था मतलब सचमे मेरे मनकी सुनली मैंने कानाफूसी करके फैली बातबात पनघटपर उडकर बातका काटा चुभ गया दिलको क्योंकी सुनली दिलकी मैंने झूठ बातभी इतनी सुन्दर हो सकती है पता नहीं था झुठसे झूठा पंगा लेकर सचकी झोली भरदी मैंने नाम आज…

  • लिखना मना नहीं है (ग़ज़ल) – LIKHANA MANA NAHI HAI (YOU ARE ALLOWED TO WRITE)

    कागज ख़राब है तो भी लिखना मना नहीं है मैली किताब है तो भी लिखना मना नहीं है लिखनेसे दिल भरेगा सदियोंसे लिख रहीं हूँ मुरझा गुलाब है तो भी लिखना मना नहीं है साकी खड़ी है कबसे हाथोमे जाम लेकर स्याही शराब है तो भी लिखना मना नहीं है हम है दिवाने आपके क्या…

  • ग़ज़ल(बात मनकी) – BAAT MANKEE (MIND’S TALK)

    हम खिले तो फूल भी खिलने लगे है डालपर पंछी खुशीसे गा रहे है रंग पत्तोंके हरे मन साँवलेसे बरसते है झूमके जल से भरे है आसमांसे क्यूँ कहू मै बात मनकी आसमांके कान सावनके झुले है मै करुँगी बात मेरी आतमासे आतमासे कर्म मेरे जुड़ गए है सुन सुनेत्रा लिख सुनेत्रा बोल ना मत…

  • अमीरी – Richness

    आग लगाके तनमे सावन दौड रहा आंगनमे सावन सावनकी यादोंमे खोकर डूब गया सावनमे सावन बहते झरने नाच रहे है महक रहा है धुनमें सावन प्यारभरी महकी बातोंको ढुंढ रहा है बनमे सावन शायरकी अनमोल अमीरी देख रहा साजनमे सावन