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छल्ले – CHHALLE
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भद्र – BHADRA
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पंचपरमपद – PANCHA PARAMPAD
मंगलमय आरास रक्तिमा जणू उगवती लाल मुखकमलावर ओष्ठ भाळ अन लाल जाहले गाल फुटुन तांबडे झुंजूमुंजू दिसू लागल्या दिशा पहाट वारा लुकलुक तारे झरली खिरली निशा हळद माखुनी ऊन कोवळे बागडते निर्झरी नीर भराया जळी उतरल्या तांब्याच्या घागरी बनी केतकी चाफा हिरवा बकुळ फुलांचा सडा सिंहकटीवर सहज पेलते पुण्य सुगंधी घडा मुनी दिगंबर जिनानुयायी पिंछीधारी…
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कडप्पा – KADAPPAA
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धोंडा – DHONDAA
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जिनस्तुती – JIN STUTI
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दुलई – DULAI