गाय – GAI


एक मुक्तक ..
कन्यापूजा

कन्यापूजा कन्यादान
कैसे करु कैवल्या दान
मम व्यवहारा दान न देण
पुत्र सुता हे मिथ्या दान

गझल…
गाय
ज्ञान गान हृदय गाय
गझल गीर मलय गाय

मुक्तकात मम सुनेत्र
प्रीत कमळ वलय गाय

मोगरा जपा गुलाब
कृष्ण कांचन लय गाय

सागरी समुद्र देव
अंतरात प्रलय गाय

नाम ना विशेषणात
मुक्त रण्य अभय गाय

धबधब्यात न्हाय मूर्त
भृंग भ्रमर समय गाय

वाघिणीस पूज्य कोण
चारु चंद्र विनय गाय

गाय या क्रियापदास
ओळखून सवय गाय


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