काल वचन मम जिन धाम सई
आज कवन मम जिन राम सई
काय उद्या मन चिंतेल बरे
प्रश्न स्तवन मम जिन दाम सई
मी न करे चिंता व्यर्थ सयी
उत्तर घन मम जिन साम सई
राग असा अनुरागी असता
खास भजन मम जिन काम सई
नार लगागा गाळ उपसते
नगन वसन मम जिन श्याम सई
शेर मराठी वाघासम तव
पार्श्व रतन मम नाम सई
रंग “सुनेत्रा” भर ऐसा तू
पुण्य पवन मम जिन घाम सई