स्वप्न नवे – SWAPN NAVE (new dream)


तुज पाहते तुज ऐकते मज एवढेच कळे प्रिया
मनी मानसी खग गातसे उबदार कंठ वळे प्रिया

पडताच स्वप्न नवे निळे दव प्राशुनी खिरते निशा
हसऱ्या उषेस पहावया नयनात डोह तळे प्रिया

घन सावळा गगनी फिरे चमके नभी बिजली जरी
हृदयात प्रीत जपावया भय सोड तू सगळे प्रिया

उचलायचा न मला अता नच रिक्त वा भरला घडा
उचलेन मी जड टोकरी असतील ज्यात फळे प्रिया

क्षण साजरे हर तोलता फुलते घडी मिळते गती
बस मापने अन मोजणे घटिका मिनीट पळे प्रिया

वृत्त – ल ल गा ल गा, ल ल गा ल गा, ल ल गा ल गा, ल ल गा ल गा.


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